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मुझे अमृता चाहिए 

शत्रुगंध 

अपने ही पुतले 

प्रदर्शनों की प्रतिक्रियाएँ 

योगेश त्रिपाठी 

आनंद रघुनंदन 

होइहैं वहि जो राम रचि राखा 

केशवलीला रामरंगीला