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योगेश त्रिपाठी

दूरदर्शन में नाटकों का प्रसारण –
                     1- सफेद फ़ाहों के गुंबद            2- चाँद प्यार नहीं होता              3- शत्रुगंध             4- पिताजी की बंद पेटी

पुरस्कार/सम्मान -

1- कागज पर लिखी मौत पुस्तक को वर्ष 1997 के लिए रत्नभारती पुरस्कार (करवट कला परिषद भोपाल द्वारा)

2- मुझे अमृता चाहिए नाटक के लिए साहित्य कला परिषद (दिल्ली राज्य सरकार की अकादमी) द्वारा मोहन राकेश सम्मान (2002): सम्मान

    ग्रहण अनीता राकेश के हाथों : 26 सितंबर 2003, श्रीराम सेंटर नई दिल्ली

3- शत्रुगंध रेडियो नाटक को आकाशवाणी महानिदेशालय नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2002 के लिए अखिल भारतीय वार्षिक प्रतियोगिता में प्रथम

     पुरस्कार। सम्मान ग्रहण अमिताभ बच्चन के हाथों : 13 मार्च 2004, आकाशवाणी परिसर मुंबई में।

4- हिन्दू उत्सव समिति रीवा द्वारा 30 मार्च 2003 को ‘विंध्य साहित्यश्री’ सम्मान : सम्मान ग्रहण तत्कालीन मध्य प्रदेश विधान    

    सभाध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के हाथों। 


​5- मुझे अमृता चाहिए के लिए वर्ष 2007 में अखिल भारतीय अंबिका प्रसाद दिव्य रजत अलंकरण पुरस्कार।

6- केशवलीला रामरंगीला नाटक के लिए साहित्य कला परिषद (दिल्ली राज्य सरकार की अकादमी) द्वारा मोहन राकेश सम्मान (2011):

    सम्मान ग्रहण श्री सतीश चंद्रा के हाथों : 19 मार्च 2012 : श्रीराम सेंटर नई दिल्ली  


7- 'लकड़ी का पुल' रेडियो नाटक को आकाशवाणी महानिदेशालय नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2016 के लिए अखिल भारतीय वार्षिक प्रतियोगिता में

    ल्हासा कौल विशेष पुरस्कार दिया गया। यह नाटक आकाशवाणी वाराणसी द्वारा बनाया गया। 

प्रकाशित पुस्तकें -

1- कागज पर लिखी मौत                   - विद्या प्रकाशन मंदिर नई दिल्ली से          वर्ष 1997      रत्नभारती सम्मान 

2- हस्ताक्षर                                     - पुस्तक सदन नई दिल्ली से                       वर्ष 1999

3- मुझे अमृता चाहिए और युद्ध          - पुस्तक सदन नई दिल्ली से                       वर्ष 2004      मोहन राकेश सम्मान , दिव्य अलंकरण सम्मान 

4- ता में एक इतिहास है                    - युनिवर्सिटी  बुक डिपो जयपुर से                वर्ष 2007 

5- रंग बघेली                                   - उत्कर्ष प्रकाशन मेरठ से                            वर्ष 2014 

​     योगेश त्रिपाठी का जन्म मध्य प्रदेश (भारत) के रीवा जिले में 18 जून सन 1959 को त्योंथर तहसील के बडागांव नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता राम सिया त्रिपाठी स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षण महाविद्यालय में प्राचार्य पद से रिटायर हुए। योगेश ने साठ से भी ज्यादा रेडियो नाटक लिखे हैं जो आकाशवाणी के विभिन्न केंद्रों से प्रसारित हुए। नाटक 'शत्रुगंध' को आकाशवाणी निदेशालय द्वारा सन 2002 में पुरस्कृत भी किया गया, और नाटक 'लकड़ी का पुल' को सन 2016 में पुरस्कृत किया गया। 

       रेडियो नाटक लिखते-लिखते योगेश का रुझान मंचीय नाटक की ओर गया और अब तक उन्होने छोटे-बड़े बत्तीस नाटक लिखे हैं जो भारत के विभिन्न क्षेत्रों में मंचित किए जा रहे हैं।  

     योगेश ने स्थानीय 'बघेलखंडी' बोली में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होने बघेली लोकनाट्य के बिखरे तत्वों को समेट कर बघेली नाट्य 'छाहुर' तैयार किया और पहली बार वर्ष 2005 में मध्यप्रदेश नाट्य समारोह में मंचित कर के सबका ध्यान आकृष्ट किया। योगेश ने कालिदासकृत 'अभिज्ञान शाकुंतल' नाटक का बघेली में अनुवाद कर के कालिदास समारोह उज्जैन में वर्ष 2009  में प्रस्तुत किया। योगेश ने 2015  में रीवा नरेश महाराज विश्वनाथसिंह रचित हिन्दी के प्रथम नाटक 'आनंद रघुनंदन'  को, जो ब्रज भाषा में लिखा गया था,  संपादित कर बघेली में अनुवादित किया जिसे मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय भोपाल ने 2015  में मंच पर प्रस्तुत किया और दस प्रदर्शन किए। अपनी 'रंग बघेली' पुस्तक में उन्होने बघेली के चार नाटकों के गुच्छ को प्रस्तुत किया है। 
     योगेश को अब तक रत्न भारती सम्मान, मोहन राकेश सम्मान (दो बार), दिव्य अलंकरण सम्मान, और विंध्य रत्न सम्मान दिया जा चुका है।  




प्रसिद्ध नाटकों के रूपांतरण -

1- कालिदास कृत 'अभिज्ञान शाकुंतल' का बघेली रूपांतरण 

2- महाराज विश्वनाथ सिंह रचित 'आनंद रघुनंदन' (हिन्दी का प्रथम नाटक) का संपादन मूल भाषा में एवं बघेली में 

3- सम्यूएल बेक्वेट के नाटक 'वेटिंग फॉर गाडो' का बघेली रूपांतरण 

4- महाराज विश्वनाथ सिंह रचित 'ध्रुवाष्टक' (नीतिग्रंथ) का नाट्यरूपांतरण - 'ता में एक इतिहास है' हिन्दी में  

परिचय